dard

दर्द

नहीं  तेरे  दर्द  का खरीदार  ज़माने  में
ना  कोई  वफादार  ,ना  राज़दार  ज़माने  में

यहाँ  तेरे  दर्द पर  हँसा  करते  हैं  लोग
किसी  से  मत  कहना , कहकर  सबको  कह  देते  हैं  लोग

तुम्हारी  बात ये एक को नहीं  हज़ारो को बताएँगे
और सुनने वाले फिर , अनजान  बने  तुम्हे पूछने आएंगे

इस  दुनिया में जो कोई वफादार भी  होता  है
वो भी किसी न  किसी  गम  में  गिरफतार  होता है
वो  भी तेरे  दर्द  को खुद में समा  नहीं सकता  है
क्योंकि  उससे  अपना  ही  दर्द संभाले नहीं संभालता  है

इसलिए  ना  सोच ,ना  डर
होशियार  तु  बन
बस  अपने  रब  से  फरियाद  तु  कर 

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