Maa
माँ माँ कड़ी है बाप और बच्चों के बीच बाप की आपत्तियों और बच्चों की मस्तियों के बीच माँ है वो प्यार का सागर बाप का प्यार भी सिमट जाता है जिसमें जाकर बाप देता है सजा सख्ती दिखाकर मगर रोता है सबसे छुपाकर बेटी की दोस्त होती है माँ मगर बेटे में बसती उसकी जा (जान ) बाते बाप की माँ की जुबानी निकलती हैं डांट पड़े बेटे को ,आँखे माँ की पिघलती हैं बेटी का सुपरहीरो ,उसका बाप होता है विदा करके बेटी को,वो सबसे अधिक रोता है माँ की तारीफ रहती हमेशा अधूरी माँ के बिना ये दुनिया न हो सकती पूरी हर दर्द हमारी ख़ुशी के लिए जो हसकर सहती है जिसकी हर दुआ ,हमारी सलामती की रहती है माँ तेरी उम्र हो साल हज़ार दुआ यही...