Mera parichey

मेरा  परिचय 

मेरा  नाम  है  प्रीती 
प्यार  करना और  पाना   है मेरी  नीति 
अगर  कविताए  छू  जाए  आपके  दिल  को 
तो  समझू   मैं  जीती 

मेरी  कविताओं  को मत  समझना  मेरी  तन बीती 
इस  दुनिया  के रंग मंच पर 
कई  कलाकार  मिलते  है 
कुछ  एक बार  तो 
कुछ बार  बार  मिलते हैं 
जो  कभी  तो  हसाते  हैं 
और कभी  रुलाते  हैं 
लेकिन   हर  बार  कुछ  सिखाते   है 
बड़े  बज़ुर्ग  भी  कई बार  किस्सै  कहानियाँ  सुनाते  हैं 
इन  सब बातों  से  मेरे  तज़ुर्बे  मेरी  समझ  बनती  है 
उस  समझ  की  स्याही  से 
मेरे  दिल  के तहखानों  में 
जो भावनाओ  का  समुन्दर  उठता  है 
उसमें  से  मेरी  कविताएँ  निकलती   हैं 

Comments

  1. This is one of the best introductions of the author with the readers

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