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Ichaa

ichaa meri bas  thi itni chu lu mai bhi. asmaan jan kabhi  na saki mai pura kaisae ho armaan dil mei yahi tamanna lekar chadti gai padai ke  paedaan padne ka  bahut shonk tha mujhko lekin woh padai bhi na aai kaam bas dil mei ek tamanna hai ki dilau apne maa pita ko bahut sammaan aur mere naam se jaana jae mere  pita ka  bhi naam Taki baba kahae mujhse ki "bitiya tu hai mera maan" rasto ki talash jari hai manzil meri dur sahi iraade muskilo par bhari hai ik din woh aaega asmaan pe naam chap jaega dharti aur asmaan mera naam gungunaega konsa naam ??????? Preeti! Preeti! Preeti !

khamoshi

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ख़ामोशी ख़ामोशी  मेरी  तुम्हे  सुनसान   लगती  है बातें   भी लेकिन  परेशान  करती है मै बोलू  भी तो  क्या  बोलू  वो भी चुभता  है जो जुबान  कहती  है अपने भी अपनों  की बातें  सुन  नहीं  सकते फिर  गैरो  की  क्या  मज़ाल  बनती  है वो तो  मै  हूँ ,जो  सुन  लेती  हूँ जो मै  कुछ  कहदू  तो  बवाल मचती है मेरी भी तो  तकलीफ  समझे कोई मेरे  दिल में भी कहाँ  है मैल  कोई ना  ही मुझे  तुमसे  है बैर  कोई कहती  बस  वही हूँ जो  बात  सही  हर बार  बनती  है कभी  नीचा  नहीं  दिखाना  चाहा कभी  दिल  नहीं  दुखाना चाहा कई  नापसंद  बातों  को भी  गटक  कर रिश्तो  को संभलाना  चाहा  लेकिन  तमाम  कोशिशें  नाकाम  हो गई दिल  की  नाराज़गी ,जब च...

tanhai

तनहाई तनहाई  में ही  तुम ,खुद  को जानते  हो वर्ना  लोगों  की   राय  को सच मानते  हो खुद को जानने  के लिए  तनहाई  जरुरी  है जैसे  प्यार  में लड़ाई  जरुरी  है लोग डरते  है ,तनहा   रहने  से जैसे  डरते  हो ,खुद ही खुद को मिलने  से ये दुनिया  कब किसी  की  हो पाई  है असली  साथी  तो  तनहाई  है जिन्होने  ने  तनहाई  में  खुद  को पहचाना   है उन्हें  ही  बाद  में इस  जग ने माना  है उस  अल्ला  और  रब  को  कहाँ  जानते  हो मंदिर  मस्जिद में  जिसे  छानते  हो मंदिर  मस्जिद  तो  सिर्फ उसे  याद  करने  के दर  है असल  में  तो  तेरा  दिल  ही  उसका  घर  है झांकोगे  तुम  जब  अपने  दिल में पाओगे  मक्का  मदीना...

manzil

मंज़िल बहुत भटकी  मै इसकी  तलाश  में खाई बहुत  चोट्टे  इसकी  आस  में हर बार लगा  ,बस  पहुँच  गई लेकिन फिर  हाथ  से फिसल  गई कई  बार  दरवाज़े  पे  दस्तक दी मगर फिर  ना  जाने  कहाँ  खो  गई मै  तो  बस  ताकते  ही रह  गई लोग कहते  थे हुनर  होता है  सब में कोई बेहुनर  नहीं इस पूरे  जग में मुझे  खुद में  कुछ  भी दिखता  नहीं  था बहुत ढूंढ़ने पे भी  मिलता  नहीं  था बहुत  उदास सी  मैं  रहने  लगी थी मै  ये सबसे  कहने  लगी मंज़िल नहीं  लगता  कोई  नसीब  में जाने  क्या लिखा  इस  तक़दीर  में हिम्मत ने मेरी  फिर  संभाला  मुझे फिर  नए  राह  पे  डाला  मुझे थमाया  मुझे  कागज़  कलम लिख  डाले उसमें  सारे  ही गम एक एक  कर  पनने  भरने...

hum kisi se kam nahi

हम  किसी  से कम नहीं हम सबको  बनाया  मालिक  ने कुछ  खूबियों से  कुछ कमियों  से पूरा  तो  दुनिया  में  कोई  नहीं सिवाय  उस  बनाने  वाले  के फिर  क्यों  एक  इंसान, इंसान से डरे क्यों  कोई किसी से बैर  करे हर  एक  में  कोई  तो  खूबी  है वो  ढूंढे  वही  हर इंसान में लेकिन ये भी तो सच है कि एक  जैसा नहीं  कोई  इस  जहां  में दो  संताने  इकलौती  माँ  की  भी एक  जैसी  कभी  नहीं  होती कोई  गरम  कोई सर्द  है  स्वभाव  से कोई  जी  रहा  किसी आभाव   से हालात  अलग  है,खयालात  अलग हैं तजरबे  अलग है , जज़बात  अलग  हैं हर  एक  इंसान की  कद्र  करो क्योंकि  हर  एक के  किसमत  और  किरदार  अलग  हैं

sann 1990 vala pyar

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 सन  1990  वाला  प्यार मै  जी  रही  हूँ  2018  में पर  1990  वाला  प्यार  चाहिए मुझे  जरुरत  नहीं है तोहफों  की बस  समझने  वाला    एक  दिलदार  चाहिए मै  खाब  नहीं  रखती  महलों  के पर  रहने  को  घरबार   चाहिए मुझे  भूख नहीं है  तन  की बस  दोस्त    एक  वफादार  चाहिए जो मेरी   भावनाओ  का  सम्मान  करे गुणों  का  कोई  धनवान  चाहिए मैं  पूजा  करू  जिस देवता  की क़ोई  ऐसा  महान  इंसान  चाहिए मेरी  भूलों  को हँस  के  सुधारा  करे समझे  आँखे  क्या  इशारा  करे ख़ामोशी  भी  मेरी  पढ़लेगा  वो गम  को  खुशी  में  बदलदेगा   वो बस  ऐसा  ही एक  दिलदार  चाहिए मुझे 1990  वाला  प्यार...

Mera parichey

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मेरा  परिचय  मेरा  नाम  है  प्रीती  प्यार  करना और  पाना   है मेरी  नीति  अगर  कविताए  छू  जाए  आपके  दिल  को  तो  समझू   मैं  जीती  मेरी  कविताओं  को मत  समझना  मेरी  तन बीती  इस  दुनिया  के रंग मंच पर  कई  कलाकार  मिलते  है  कुछ  एक बार  तो  कुछ बार  बार  मिलते हैं  जो  कभी  तो  हसाते  हैं  और कभी  रुलाते  हैं  लेकिन   हर  बार  कुछ  सिखाते   है  बड़े  बज़ुर्ग  भी  कई बार  किस्सै  कहानियाँ  सुनाते  हैं  इन  सब बातों  से  मेरे  तज़ुर्बे  मेरी  समझ  बनती  है  उस  समझ  की  स्याही  से  मेरे  दिल  के तहखानों  में  जो भावनाओ  का  समुन्दर  उठ...