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shama (क्षमा )

क्षमा करके  क्षमा  अपने  दुश्मनों को ले  तू  अपना  दोस्त  बना बहुत  बोझ  है  इस  दिल  पर थोड़ा  सा  तो   हटा ये  दुश्मन भी , अपने  ही  तो  हैं कुछ खट्टे  कड़वे  पल  ही  तो  है इन  कड़वे  पलों  को  भूलकर प्यार  की  नई  तस्वीर  बना ठान  मत , ना  भूलने  की मत आदत बना ,मुँह  के  फूलने  की ज़रा  हाथ  को  आगे  बढ़ा और  थोड़ा  सा  मुस्कुरा चोट  जिसने  दी  तुझे   वो कब का  आगे  बढ़   गया और  तू  था  कि  वही  पर  खड़  गया उसका  कुछ  ना  उखड़ा  पर तेरा   मन  सड़  गया सोच  किसको  दी  तूने  सज़ा और  किस  पे  सितम  पड़  गया जो  एक क्षमा  को  दिल  पे  अपने  जड़  गया समझलो...

TU DAAL DAAL MAI PAAT PAAT

 तू  डाल  डाल  मैं  पात  पात एक  इंजीनियर  नौकरी  के  लिए   रहा  था  भटक भटकते  भटकते  एक  बोर्ड  उसे  दिया  दिखाई उसको  लगा,लो  हो  गई  कमाई बोर्ड पे  लिखा  था , तीन सौ  रूपए  में आराम पाओ नहीं तो  एक  हज़ार   रूपए  घर  ले  जाओ इंजीनियर  को  बात  आई  रास जा  पहुंचा  डॉक्टर  के  पास बोला  डॉक्टर  जी  ,नहीं  आ   रहा  मुझे  कोई  सवाद डॉक्टर  ने  नर्स  बुलाई , बाईस   नंबर  दवाई  पिलवाई इंजीनियर  बोला "मुझे  आपने पेट्रोल  पिलाया" डॉक्टर  बोला "मुबारक हो! स्वाद तुम्हे  आया  " मेरे  तीन सौ  रूपए  निकालो  भाया इंजीनियर  को गुस्सा  आया ,कुछ बिना कमाए  घाटा  खाया दो  दिन  बाद दोबारा  आया , बोला...

SHRARTI DOST (HASYA KAVITA)

शरारती  दोस्त ( हास्य  कविता )  बात  सुनाऊ  तुम्हे  टिंकू  की   जो   था   मेरा एक दोस्त  शरारती  उसकी  माँ थी   उसे  रोज  ताड़ती  टीचर  भी  थी  जिसे  रोज़ मारती  एक दिन  ऐसी  बात हुई  उसके  घर   फ़ोन  की  घंटी  बजी  उसने  उठाया  जाकर फ़ोन  और  पूछा  "हांजी कौन" सामने  से  एक  अंकल  बोले  बेटा  डैडी  को  देना  फ़ोन  टिंकू  बोला "अंकल  डैडी  बिज़ी  हैं " अंकल  बोले "बेटा  मम्मी  को  ही  बुलालो" टिंकू  बोला "अंकल  मुझे  ही  बता  दो " अंकल  बोले "बेटा ! कोई  और  बड़ा  है ? टिंकू  बोला "एक  पुलिस  वाले  अंकल  हैं  पर  वह भी  थोड़े  दूर  खड़े  हैं " अब  अंकल  परेशान हो चुके ...

HIND DI CHADDAR

हिन्द  दी  चादर सिख  पंथ  के  नवे  गुरु,  श्री  गुरु  तेग  बहादुर सारा  जगत  करता  जिनका  आदर हिंदु  धर्म  की  रक्षा  के  लिए दिया  बलिदान  चांदनी  चौंक  जाकर कश्मीरी  पंडितों  ने औरंगज़ेब  से जान  बचाकर  जब मांगी  सहायता आनंदपुर  साहेब  जाकर बोले  गुरूजी , "बचेगा  धर्म  तुम्हारा   किसी  महपुरुष  की  बलिदान पाकर ये  सब सुनकर  बाल  गोबिंद  बोले  मुस्कुराकर "आपसे  बड़ा  कौन  बली  है  ,इस  संसार  में  ठाकुर आप  ही  इनका  धर्म  बचाओ  ,शीश  अपना  चढ़ाकर " बेटे  की  बात  सुनकर  पिता  तेग  बहादुर  खुश हुए पर  परख  बेटे  की करने  हेतु , सवाल  पूछा    पास  बिठाकर जो  मै  चला  गया  तो  तु अनाथ...

budapa

बुढ़ापा बुढ़ापा  होता  है  बड़ा  सयापा क्योंकि  इंसान  खोता  इसमें  आपा कम  ही  सोता  कम  ही  खाता लेकिन  बस  है  बोलता जाता चला  भी  इससे  कहाँ  है  जाता शारीरिक  बल  कम  हो  जाता दिन में सो कर, समय  बिताता रातों  को सबको फिरे  जगाता खुद  तो  कुछ हो  नहीं  पाता किसी  का  किया  भी  इसे  नहीं  भाता फिर  ये  है  उस  पर  है  चिल्लाता अब  वो  कहाँ  किसी  से  सुना  जाता चाहे  हो अपने  पिता  माता इससे  घर  है  टूट  जाता इसका  हल  यही  समझ  आता ज़िन्दगी में  करो  सभी  काम खाना  पीना  और आराम शरीर  का  ऐसा  रखो  ध्यान कि  बुढ़ापे  में  भी  रहो  जवान

ankhe

आँखे बहुत  खूबसूरत  शै  होती  हैं आँखे खामोशियों  में  भी  बोलती  हैं  आँखे दिलों  के  राज़  खोलती  हैं आँखे दिल  में  दर्द  हो तो ,रोती हैं  आँखे ख़ुशी  में  भी  पलकें  भिगोती  हैं   आँखे गुस्से  में   लाल  होती  हैं  आँखे प्यार  में  कमाल  करती  हैं  आँखे डर  में सिकुड़  जाती  हैं    ये  आँखे शरमाए  तो ,झुक  जाती  हैं   ये   आँखे प्यार  में  अक्सर  मचलती  हैं  आँखे दिल  की  ज़ुबान  बोलती   हैं  आँखे कोई  कुछ  भी  कहे सच  बोलती  हैं  आँखे लबों   के झूठ  की पोल  खोलती  हैं  आँखे आँखों  में शर्म इज़्ज़त  आँखों  में सूरत का पूरा  असर  आँखों में प्यार  की शुरुआत  भी  इन आँख...

Santosh ki khushi

संतोष  की  खुशी  आओ  तुम्हे  खुशी  से  मिलवाऊं  क्या  है  तुम्हारे  पास  दिखाऊ  देखो  अपनी  सुन्दर  काया  बताओ  किसने  तुम्हे  बनाया  पढ़ना  लिखना  तुम्हे  सिखाया  जीवन  में काबिल  बनाया  तंदरुस्त  मस्तिष्क  तुम्हे  दिया  एक बड़ा  उपकार  किया  रहने  को छत ,खाने  को  खाना  फिर  किस  बात से  घबराना  चलता  रहता  है  खोना  पाना  जो आया ,उसको  है  जाना  सीखो  सबसे  प्यार  निभाना  जहाँ सोच   मिल  जाए,दिल  भी  मिलाना  और  ना  मिले सोच   तो हाथ  मिलाना  प्यार  से हो सके ,तो  बात  बढ़ाना  वर्ना  बेहतर , चुप  हो जाना  कौन  अपना ,कौन  बेगाना  समय  का  चक्र  बड़ा  पुराना  जिसक...